Network Architecture क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते है? | Network Architecture Kya Hai In Hindi

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दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको कंप्यूटर नेटवर्किंग का सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण टॉपिक network architecture के बारे में बताने वाले हैं। 

साथ ही इस पोस्ट के माध्यम से हम यह भी जानेंगे कि network architecture kya hai in hindi इसके कितने प्रकार होते हैं? इसके क्या क्या बेनिफिट है और क्या क्या नुकसान है? इन सभी के बारे में भी जानने को मिलेगा।  

Network Architecture के प्रकारों में मुख्य रूप से आपको Peer to Peer Network Architecture, Client -Server Network Architecture, Mainframe Architecture, के बारे में विस्तार से जानने को मिलेगा। 

इनके साथ ही Host, Client , Server, Peer के बारे में भी जानने  को मिलेगा इसलिए यह पोस्ट काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है इसको शुरू से लेकर अंत तक पूरा जरूर पढ़े। 

नेटवर्क आर्किटेक्चर क्या है -(What Is Network Architecture In Hindi )

नेटवर्क आर्किटेक्चर का मतलब होता है नेटवर्क को  डिजाइन करना। नेटवर्क को डिजाइन करने की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि इसके माध्यम से हमें यह पता चलता है कि कंप्यूटर को कैसे कनेक्ट करना है और किस तरीके से कंप्यूटर को टास्क देना है इस बारे में भी पता चलता है। यह सभी चीजें नेटवर्क आर्किटेक्चर के द्वारा निर्धारित की जाती है। 

 इसको एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं मान लीजिए हम जब भी कोई नया घर बनाते हैं तो उसके लिए सबसे पहले हम उसका एक डिजाइन तैयार करते हैं। 

इसके पीछे का हमारा उद्देश्य रहता है कि हम ज्यादा से ज्यादा उस घर का एडवांटेज ले सके उसी तरीके से किसी भी नेटवर्क को कनेक्ट करते हैं तो उस सबसे पहले उसका आर्किटेक्चर तैयार किया जाता है जिससे हम उस नेटवर्क का ज्यादा लाभ ले सके। 

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नेटवर्क आर्किटेक्चर के प्रकार – (Types Of Network Architecture In Hindi)

Network Architecture kya hai in hindi में  अब हम जानेंगे कि नेटवर्क आर्किटेक्चर के कितने प्रकार होते हैं मुख्यतः नेटवर्क आर्किटेक्चर तीन प्रकार के होते हैं। 

  • Peer To Peer Network Architecture 
  • Client -Server Network Architecture 
  • Mainframe Architecture 

(1) Peer To Peer Network Architecture

Peer to Peer नेटवर्क को Point to Point नेटवर्क के नाम से जाना जाता है ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें सभी कंप्यूटर सिस्टम एक दूसरे के साथ डायरेक्ट जुड़े हुए होते हैं। सभी कंप्यूटर सिस्टम को बराबर अधिकार रहता है डाटा शेयर करने का। 

Peer to Peer नेटवर्क में server मौजूद नही होता है। इस नेटवर्क सिस्टम का इस्तेमाल 10 से कम कंप्यूटर सिस्टम को आपस में कनेक्ट करने के लिए किया जाता है इसलिए हम कह सकते हैं कि यह छोटे क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। 

Peer to peer नेटवर्क के लाभ :

  1. Server मौजूद ना होने के चलते हैं यह नेटवर्क सबसे सस्ता नेटवर्क होता है बजाय दूसरे नेटवर्क के। 
  2.  जैसा कि हमने शुरुआत में देखा था कि सभी कंप्यूटर्स को बराबर अधिकार होता है डाटा शेयर करने का मान लीजिए यदि कोई एक कंप्यूटर बंद हो जाए तो उसका प्रभाव दूसरे पर नहीं पड़ने वाला है। 

Peer to Peer नेटवर्क के नुकसान :

  1.  नेटवर्क में server ना होने के चलते सिक्योरिटी का खतरा ज्यादा रहता है। अगर बाहर से कोई भी अटैक होता है तो कोई भी बचाव का उपाय नहीं है। 
  2.  दूसरा सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसमें डाटा को बैकअप नहीं किया जा सकता है। 

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(2) Client -Server Network Architecture

Network Architecture kya hai in hindi की पोस्ट में अब हम नेटवर्क आर्किटेक्चर के प्रकार में दूसरा प्रकार Client Server नेटवर्क के बारे में जानेंगे। 

Client – Server आर्किटेक्चर को Request -Response आर्किटेक्चर के नाम से जाना जाता है क्योंकि सबसे पहले क्लाइंट रिक्वेस्ट करेगा और Server उसका Response देगा। 

Client -Server Network में Server मौजूद होता है client server network में जिस  सिस्टम के माध्यम से दूसरे सिस्टम कनेक्ट होते हैं उसको Server  कहा जाता है। 

इस चीज को हम एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं मान लीजिए आपने किसी वेबसाइट को सर्च किया तो आपकी रिक्वेस्ट Server के पास पहुंच जाएगी और वह आपके आईपी एड्रेस पर जो वेबसाइट आप देखना चाहते हैं वह डिस्प्ले कर देगा। 

Client Server Network के लाभ :

  1.  इस नेटवर्क के अंदर Server  की सुविधा होने की वजह से इसमें backup बड़ी आसानी से किया जा सकता है। 
  2. Peer to peer network में सुरक्षा को लेकर काफी इशू रहता है लेकिन इसमें आपको पूरी तरीके से सेफ्टी मिलती है। 
  3.  इस नेटवर्क का पूरा सिस्टम Server के द्वारा मैनेज किया जाता है जो रिसोर्स शेयरिंग में की गति को काफी गुना तक बढ़ा देता है। 

Client Server Network के नुकसान :

  1. Client -Server नेटवर्क का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह काफी महंगा होता है क्योंकि क्लाइंट को शीघ्रता से जानकारी पहुंचाने के लिए network operating system की सहायता ली जाती है जो कि काफी महंगा आता है। 

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(3) Mainframe Architecture 

Network Architecture kya hai in hindi में अब हम जानेंगे कि Mainframe Architecture क्या होता है? दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आर्किटेक्चर नेटवर्क के अंदर Data or Service एक ही host पर होती है। 

इन होस्ट का इस्तेमाल केवल input और output के लिए किया जाता है वैसे यह डायरेक्टली वर्क नहीं करते हैं। 

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(1) Host : मुख्य रूप से होस्ट उन्हें कहते हैं जो अन्य किसी भी तरीके के नेटवर्क के साथ जुड़े हुए होते हैं यह कंप्यूटर सिस्टम भी हो सकते हैं या फिर मोबाइल फोन भी हो सकता है। 

(2) Client : Client उसे कहते हैं जो किसी भी तरीके की सर्विस के लिए Server से रिक्वेस्ट करता है मान लीजिए आपने अपने डिवाइस से कोई भी वेबसाइट सर्च की तो आपका डिवाइस एक क्लाइंट के तौर पर काम करेगा। 

(3) Server : यह एक ऐसा होस्ट होता है जो हमें सर्च की गई डाटा और सर्विस प्रोवाइड करवाने का काम करता है। आपने किसी वेबसाइट को सर्च किया तो यह IP Address के माध्यम से उस क्लाइंट तक सर्विस पहुंचाने का काम करता है। 

(4) Peer : यह host सभी तरीके के काम करता है यह डाटा और सर्विस प्रोवाइड करने के साथ-साथ रिक्वेस्ट भी करता है। 

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Conclusion 

तो दोस्तों network architecture kya hai in hindi से जुड़ी जानकारी आपको कैसी लगी आप हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से बता सकते हैं। इस पोस्ट के माध्यम से हमने  network architecture से जुड़ी सभी जानकारी देने की कोशिश की है। 

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